
सचिव ने विकास कार्यों की गढ़वाल मंडल स्तर पर व्यापक समीक्षा कर तय की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता, जनशिकायतों के शीघ्र निस्तारण और विकास कार्यों में गुणवत्ता व समयबद्धता पर जोर
पौड़ी।
संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने विकास भवन सभागार में मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन की प्राथमिकताओं और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने, जनशिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से परिणामपरक कार्य करने को कहा।
सचिव ने शासन के निर्देशों के अनुरूप मंडल एवं जिले के सभी विभागीय कार्यालयों के नामपट्ट संस्कृत भाषा में भी अंकित कराने को कहा। जनगणना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि दूसरा चरण शीघ्र शुरू होगा और इसके लिए सितंबर से प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने ने विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रस्तुतिकरण दिया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा में सचिव ने लंबित शिकायतों पर नियमित नजर रखने और अधिक शिकायत वाले विभागों में तेजी से निस्तारण करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक सोमवार को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा की जाती है। उन्होंने मंडलीय अधिकारियों को कार्यक्रम क्रियान्वयन के तहत विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों का रोस्टर समय पर उपलब्ध कराने तथा ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम की सूचनाएं नियमित रूप से भेजने को कहा। उन्होंने ‘भयमुक्त समाज’ और ‘हमारा संकल्प अनुशासित प्रदेश’ की प्रगति भी जानी।
जनता दरबार और चौपाल में अधिकारियों की मौजूदगी को प्रभावी बनाने के लिए सचिव ने उन्हें संबंधित क्षेत्रों में रात्रि विश्राम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रुकने से अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा सरकारी कामकाज में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में जिले के ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने के प्रयास सामने आए। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि पिरूल एवं फूलों से तैयार उत्पाद, बेडू आधारित उत्पाद और अन्य ग्रामीण उत्पादों को पर्यटन विभाग के सहयोग से होमस्टे एवं होटलों तक पहुंचाया जा रहा है। सचिव ने इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन क्षेत्र के साथ समन्वय और मजबूत करने को कहा।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा में सचिव ने उद्योग विभाग की योजनाओं की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि जिन उद्यमियों को कैपिटल सब्सिडी मिल चुकी है, लेकिन इंटरेस्ट सब्सिडी में परेशानी आ रही है, उनके मामलों को संबंधित बैंकों एवं विभागों के साथ समन्वय कर हल किया जाए। महाप्रबंधक उद्योग ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में उद्यमिता जागरुकता कार्यक्रम चल रहे हैं और जिले में निर्यात हेल्प डेस्क की भी स्थापना की गयी है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने कौशल विकास केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि जिले में नर्सिंग एवं विदेशी भाषा के क्षेत्र में प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। वहीं, पर्यटन क्षेत्र में सचिव ने सतपुली झील परियोजना को शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया। अधिकारियों के बताया कि परियोजना का कार्य जल्द पूरा होने की संभावना है। साथ ही सचिव ने उन्होंने पर्यटन, होमस्टे और होटल व्यवसाय से जुड़े लंबित सब्सिडी प्रकरणों को बैंकों के साथ समन्वय कर शीघ्र निस्तारित करने पर जोर दिया।
पर्वतीय क्षेत्रों में विकसित हो रहे नए पर्यटन स्थलों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सचिव ने पेयजल आपूर्ति के लिए नई योजनाएं तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों के साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी। चमोली जनपद में पीपलकोटी से कौड़िया राष्ट्रीय मोटरमार्ग पर सीवर लाइन बिछाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को सर्वे कराने के लिए कहा गया।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा में सचिव ने कृषि यंत्रों, बीज वितरण और किसानों के प्रशिक्षण की जानकारी ली। मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि विभिन्न विभागों के सहयोग से पौड़ी, द्वारीखाल और जयहरीखाल विकासखंडों में एकीकृत कृषि मॉडल के तीन प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। सचिव ने अन्य विकासखंडों में भी इसी तरह की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
वहीं, उद्यान विभाग ने बैठक में कीवी मिशन, एप्पल मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन की प्रगति साझा की। संयुक्त निदेशक उद्यान ने बताया कि बागवानी मिशन के तहत लाभार्थियों का चयन चल रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना की प्रगति भी देखी गई। अपर निदेशक मत्स्य ने विस्तार से योजनाओं के बावत जानकारी उपलब्ध करायी.
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा में मुख्य अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गड्ढामुक्त सड़कें विभाग की प्राथमिकता में हैं। विभाग पैच मरम्मत सहित अन्य आवश्यक कार्य कर रहा है। सचिव ने सड़कों की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
विद्युत विभाग की समीक्षा में सचिव ने नयी अवसंरचनाओं की विद्युत आवश्यकता को समय से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य अभियंता गढ़वाल जोन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि आवश्यक विद्युत भार के लिए समय पर आवेदन किए जाएं, ट्रांसफॉर्मरस की अवस्थापना से संबंधित कार्य समय पर पूर्ण किये जाएँ एवं संबंधित स्थलों का निरीक्षण भी किया जाए।
स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और टीबी मुक्त अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। निदेशक स्वास्थ्य को प्राइवेट अस्पतालों के प्रबंधकों संग समन्वय स्थापित कर जिन क्षेत्रों में कमी है, वहाँ जनसामान्य को स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं को पहुँचाने हेतु प्रयास करने के निर्देश दिये. बैठक में विद्यालयों में बालिकाओं एवं महिला स्टाफ के लिए शौचालयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अपर निदेशक- गढ़वाल द्वारा जानकारी साझा की गयी।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पीएम पोषण योजना की प्रगति देखी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि सितंबर में पोषण माह के तहत विभिन्न जागरुकता अभियान चलाए जाएंगे।
साइबर अपराध एवं नशे की रोकथाम पर अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर ने बताया कि साइबर फ्रॉड और साइबर सुरक्षा को लेकर विभागीय अधिकारियों के प्रशिक्षण के साथ विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरुकता कार्यक्रम चल रहे हैं।
पुलिस साइबर हेल्पलाइन 1930 का व्यापक प्रचार कर रही है। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान के तहत पुलिस मेडिकल स्टोरों की जांच के साथ अवैध बिक्री एवं तस्करी पर कार्रवाई कर रही है। साथ ही अन्य राज्यों से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी एवं सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि विद्यालयों में 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों में नशीले पदार्थों के सेवन की जांच और जागरूकता संबंधी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। बैठक में सचिव ने विभागीय योजनाओं को अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ नवाचारी माध्यमों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर वर्चुअल रूप से मुख्य अभियंता-लोक निर्माण विभाग गढ़वाल जोन ओम प्रकाश, UPCL के GM मुख्य अभियंता गढ़वाल NS बिष्ट, निदेशक-स्वास्थ्य गढ़वाल, अपर निदेशक मत्स्य अल्पना, अपर निदेशक शिक्षा- बिष्ट, जलसंस्थान/निगम के गढ़वाल के अधीक्षण अभियन्ता, अपर निदेशक गढ़वाल -कृषि विभाग, संयुक्त निदेशक- गढ़वाल उद्यान विभाग एवं भौतिक रूप से पौड़ी जिले से मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर, संयुक्त निदेशक अर्थ एवं संख्या गीतांजलि गोयल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि महिपाल सिंह रावत, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, जल संस्थान के टी.एस. रावत एवं सुभाष चंद्र भट्ट, पीएमजीएसवाई के परशुराम चमोली, संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिमल्टी, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



