
देहरादून/डोईवाला: देहरादून पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए डोईवाला क्षेत्र से लापता हुए छह नाबालिग बच्चों को मात्र 6 घंटे के भीतर हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
क्या था पूरा मामला?
बीती शाम (06 मई 2026) डोईवाला कोतवाली में लालतप्पड़ स्थित एक स्कूल के छह छात्रों के लापता होने की सूचना मिली। कक्षा 7 और 8 में पढ़ने वाले ये बच्चे (आयु 12 से 15 वर्ष) सुबह स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन छुट्टी के काफी समय बाद भी घर नहीं लौटे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कीं।
400 सीसीटीवी कैमरों की मदद से मिली सफलता
पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल और आसपास के रास्तों पर लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सोशल मीडिया और स्थानीय मुखबिरों के माध्यम से बच्चों की तलाश शुरू की गई। सघन चेकिंग और सूचना तंत्र की मदद से देर रात पुलिस टीम ने सभी छह बच्चों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूछताछ में हुआ खुलासा: घूमने के लिए बनाई थी योजना
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्होंने मिलकर हरिद्वार घूमने की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक, वे स्कूल बैग में अपने घर के कपड़े छिपाकर ले गए थे। स्कूल की छुट्टी के बाद वे बस से हरिद्वार पहुंचे और हर की पैड़ी समेत विभिन्न स्थानों पर घूमे। रात होने पर घर लौटने पर डांट के डर से वे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पहुंच गए और वहां से कहीं और जाने की फिराक में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे।
पुलिस की अभिभावकों से विशेष अपील
इस घटना के बाद दून पुलिस ने जनता, विशेषकर अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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मित्रवत व्यवहार: बच्चों के साथ संवाद बढ़ाएं ताकि वे अपनी योजनाएं आपसे साझा कर सकें।
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निगरानी: यदि बच्चा स्कूल बैग में अतिरिक्त कपड़े या सामान ले जा रहा हो, तो कारण जरूर पूछें।
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स्कूल से संपर्क: शिक्षकों के नियमित संपर्क में रहें और बच्चों की उपस्थिति की जानकारी लेते रहें।
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सतर्कता: बच्चों की संगति और सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें।
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त्वरित सूचना: किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत 112 नंबर या नजदीकी थाने को सूचित करें।
परिजनों ने जताया आभार बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से आज उनके बच्चे सुरक्षित घर वापस आ पाए हैं।



